पुनर्जन्म हो यदि मेरा !

दिल्ली से सटे नॉएडा के निठारी में एक दिल को दहला देने वाला काण्ड हो गया. आये दिन यहाँ बच्चे गायब होने की खबर आती. बाद में बच्चों के विभात्स्व

धुंधलकों में छिपा सच

शशि भाई और बुल्लेशाह ने जब काबुल एक्सप्रैस के बारे में लिखा तो स्वंय को फिल्म देखने से रोक नहीं पाया। सच कहूं तो शशि भाई की इन पंक्तियों ने

पता नहीं सरकिट……. !

पता नहीं सरकिट……. ! “हैलो सरकिट,” “अरे मुन्नाभाई कैसे हो, अब तो तुम्हे बहुत टाईम हो गया चिट्ठा गिरी करते। क्या समाचार हैं चिट्ठा जगत के? ” “अरे कुछ मत

….फिर भी मेरा भारत महान

“पापा ये मोबाईल से सूरज का फोटो लेने पर इसमें काला धब्बा क्यों आने लगता है?” मेरी बेटी गाड़ी में बैठी मोबाईल से सूरज का फोटो लेने की कोशिश कर

पापा मुझे प्यार हो गया है

सिंडरेला की कहानी तो सभी ने सुनी होगी. यहाँ आज हम रिवर्स सिंडरेला सिंडरोम की बात कर रहे हैं. आज रेडियो मिर्ची पर दिल्ली के मनौवैज्ञानिक डा. संजय चुग जानकारी

कृष्णा टु सुदामा “थैंक्यू बड्डी, वैरी टेस्टी सत्तू”-२

अमित जी ने मेरी पिछली पोस्ट “कृष्णा टु सुदामा “थैंक्यू बड्डी, वैरी टेस्टी सत्तू” के जवाब में एक किस्सा दिया है कि किस प्रकार महिलाओं को बस में सीट देने

कृष्णा टु सुदामा “थैंक्यू बड्डी, वैरी टेस्टी सत्तू”

रीडर्स डाइजेस्ट पत्रिका ने मुंबई को अशिष्ट नागरिको का शहर बताया है। अपने चिट्ठाकारों ने इतना कुछ लिख दिया इस विषय पर कि पिछली अनुगूंज पर भी इतना नहीं लिखा।