“बिरह” का सुलतान – शिव कुमार बटालवी Shiv Kumar Batalvi

Shiv Batalvi

बिरह का सुलतान – शिव कुमार बटालवी Shiv Kumar Batalvi  (ਸ਼ਿਵ ਕੁਮਾਰ ਬਟਾਲਵੀ) शिव कुमार बटालवी पंजाबी के ऐसे आधुनिक कवि हैं जिनके गीतों में पंजाब के लोकगीतों का आनंद भी हैं। शिव का जन्म 23 जुलाई 1936 को शकरगढ़, पंजाब (अब पाकिस्तान में) में हुआ था। बंटवारे के बाद उनका परिवार बटाला में आ … आगे पढ़ें

ओ हरामजादे – 2 O Haramzade Story by Bhishm Sahani

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ओ हरामजादे – 2 O Haramzade Story by Bhishm Sahani (लेखक भीष्म साहनी, राजकमल प्रकाशन से साभार) ओ हरामजादे -1  से आगे तिलकराज की और मेरी हरकतों में बचपना था, बेवकूफी थी। पर उस वक्त वही सत्य था, और उसकी सत्यता से आज भी मैं इन्कार नहीं कर सकता। दिल दुनिया के सच बड़े भॊंडे … आगे पढ़ें

ओ हरामजादे O Haramzade Story by Bhishma Sahni

bhishm sahni

ओ हरामजादे O Haramzade Story by Bhishma Sahni घुमक्कड़ी के दिनों में मुझे खुद मालूम न होता कि कब किस घाट जा लगूंगा। कभी भूमध्य सागर के तट पर भूली बिसरी किसी सभ्यता के खण्डहर देख रहा होता, तो कभी युरोप के किसी नगर की जनाकीर्ण सड़कों पर घूम रह होता। दुनिया बड़ी विचित्र पर … आगे पढ़ें

Poem On Female Feticide in Hindi तुम मुझे जन्म तो लेने देते

Poem On Female Feticide in Hindi

Poem On Female Feticide in Hindi तुम मुझे जन्म तो लेने देते हो सकता है जज बन जाती देती हजारों को मैं न्याय बन पुलिस ऑफिसर पापा कितनों को दिखलाती राह डाक्टर बन देखते पापा कितनों की बचाती जान ओलंपिक में जा देश के पूरे करती सब अरमां गर बन जाती कल्पना चावला जग में … आगे पढ़ें

अपने प्यारे पापा को कविता

अपने प्यारे पापा को कविता.  कल फ़ादर डे पर यूं ही एक कविता लिखने की कोशिश की है.  वैसे तो मैं कवि नहीं हूँ और कविता लिखने की कुछ समझ भी नहीं है फिर भी कभी कभार कोशिश कर लेता हूँ. आशा है आपको पसंद आएगी और आप इसे जरूर सराहेंगे. यह कविता समर्पित है … आगे पढ़ें