राजनीति के ’पिंजर’ में फंसा लोकतंत्र

अमृता प्रीतम का उपन्यास ’पिंजर’ मैंने  तब  पढ़ा था पहली बार जब में स्कूल में ही था। उसके बाद जाने कितनी ही बार पढ़ लिया। आज जब हम आजादी की सालगिरह मना रहे हैं तो मन कहता है कि इस उपन्यास के बारे में कुछ लिखूं। बंटवारे की पृष्टभूमी पर लिखे गये इस उपन्यास पर … आगे पढ़ें

मंटो की कहानी टोबा टेक सिंह Toba Tek Singh by Manto

मंटो की कहानी – टोबा टेक सिंह Toba Tek Singh by Manto मंटो की कहानी टोबा टेक सिंह : बंटवारे के दो तीन साल बाद पाकिस्तान और हिंदुस्तान की हुकूमतों को ख्याल आया कि इखलाकी क़ैदियों की तरह पागलों का तबादला भी होना चाहिए यानी जो मुसल्‌मान पागल, हिंदुस्तान के पागल-ख़ानों में हैं उन्हें पकिस्तान … आगे पढ़ें

ओ हरामजादे – 2 O Haramzade Story by Bhishm Sahani

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ओ हरामजादे – 2 O Haramzade Story by Bhishm Sahani (लेखक भीष्म साहनी, राजकमल प्रकाशन से साभार) ओ हरामजादे -1  से आगे तिलकराज की और मेरी हरकतों में बचपना था, बेवकूफी थी। पर उस वक्त वही सत्य था, और उसकी सत्यता से आज भी मैं इन्कार नहीं कर सकता। दिल दुनिया के सच बड़े भॊंडे … आगे पढ़ें

ओ हरामजादे O Haramzade Story by Bhishma Sahni

bhishm sahni

ओ हरामजादे O Haramzade Story by Bhishma Sahni घुमक्कड़ी के दिनों में मुझे खुद मालूम न होता कि कब किस घाट जा लगूंगा। कभी भूमध्य सागर के तट पर भूली बिसरी किसी सभ्यता के खण्डहर देख रहा होता, तो कभी युरोप के किसी नगर की जनाकीर्ण सड़कों पर घूम रह होता। दुनिया बड़ी विचित्र पर … आगे पढ़ें