क्या चीँटे की जान

चींटा

आज सुबह सुबह शेव करते हुए अचानक वाश बेसिन में देखा, एक काला मोटा चीँटा घूम रहा था। इस डर से कि अभी बच्चे ब्रश करने आएंगे तो कहीं चींटा उन्हे काट न ले, मैने शेव के मग्गे का पूरा पानी चीँटे पर उढ़ेल दिया। मैंने सोचा चीँटा बह जाएगा। मगर थोड़ी देर में देखा, … आगे पढ़ें

दस रुपये दो न माँ

मेरा बाहरवीं का रिज्ल्ट आया था उस दिन। बहुत अच्छे नंबर आये थे। क्लास में टॉप किया था। मैं बहुत खुश था। में पल भर के लिये घर में क्या चल रहा है यह भी भूल गया था। स्कूल से आया तो मेरे पास होने का गली में शोर सा मच गया। घर में जैसे … आगे पढ़ें

कैसे कैसे भगवान

kaise kaise bhagwan

अभी कुछ वर्ष पहले जब कन्नड़ अभिनेता राजकुमार का वीरअप्पन ने अपहरण कर लिया था तो उनके किसी भक्त ने हिम्मत न दिखाई? अरे जंगल में जा कर भिड़ जाते वीरअप्पन से। अब मर गए तो बंद पड़ी दुकानों को जला रहे हैं, ऐसी तो थोथि आस्थाएं हैं हमारी। ऐसे बहुत से पात्र हमें मिल … आगे पढ़ें

एक अदद भगवान की जरूरत है

हमारा समाज नित नए भगवान गढ़ता रहता है. हमारे यहां सब से ज्यादा देवी देवता हैं. हमारे देश में सांप से लेकर नदियों तक और सूरज से लेकर अमिताभ बच्चन तक की पूजा होती है. फिर भी हम नये नये भगवान बनाने की कोशिश करते रहते हैं. “क्रिकेट हमारा धर्म है और सचिन हमारा भगवान” … आगे पढ़ें

बिस्कुटों वाली बुआ

1968-69 की बात है, मैं तीन या चार साल का रहा होंऊगा। अस्सी साल की वो बुढ़िया हमारे सामने के घर में रहती थी। कंकाल सी काया थोड़ी झुकी हुई, बेतरतीब से सफेद चांदी बाल। थोड़ा तुतलाते हुए पंजाबी बोला करतीं। सब उसे बिस्कुटों वाली बुआ कह कर बुलाते थे। एक आना यानी छह पैसे के … आगे पढ़ें

जब प्राण तन से निकले

जब सिंधु ने यह पूछा कि आप ने कभी मौत के बारे में सोचा है तो मैं हैरान रह गया. मैंने अपनी जिंदगी में कितनी ही मौतें देखीं मगर कभी अपने लिए ऐसा नहीं सोचा. इतने साल हो गये बीमा बेचते मगर कभी किसी को मौत के बारे में नहीं याद कराया. मगर वो बड़ी … आगे पढ़ें