बिल्लूगिरी और विंडोज़ में लोचा

मुन्नाभाई पर लिखे मेरे हास्य  पोस्ट और सीरिज बहुत पॉपुलर हो रहे हैं. मुझे ख़ुशी है कि आप इन्हें पसंद कर रहे हैं. आप लोग की पसंद कि वजह से ही मुझे मुन्नाभाई सीरिज में और लिखने की प्रेरणा मिलाती है. पेश है मुन्नाभाई सीरिज में एक और कड़ी. उम्मीद है इस श्रेणी के बाकी पोस्टों कि तरह यह पोस्ट भी आपको पसंद आएगी.

“हेल्लो सरकिट”

“हां, हेल्लो मुन्ना भाई, आजकल तो तुम्हारी गांधीगिरी की पूरे हिन्दूस्तान में धूम मच रे ली है। लोग जगह जगह गांधीगिरी को अपना रहे हैं।”

“अरे वो तो पुरानी बात हो गई, ब्लागरी शुरू करने के बाद आजकल अपुन लाईब्रेरी में बिल्लू भाई और उसकी बिल्लूगिरी पर स्टडी कर रेया हूं। अपुन को बिल्लू भाई नजर भी आता है”

“बिल्लूगिरी? भाई ये बिल्लू भाई कौन है?”

“दुनिया का सबसे अमीर आदमी है, हर एक मिनट में हजारों डालर कमाता है, कोई भी आदमी जो कम्प्यूटर पर काम करता है, इसी की बनाई खिड़कियों पर काम करता है।”

“लानत है अपुन पर भाई। अपुन भाई गिरी कर कर के इतना नई कमाया और वो खिड़कियां बनाने वाला बढ़ई इतना कमा रहा है”

“नई सरकिट, विंडोस एक अपरेटिंग सिस्टम है, अक्खा वर्ड के कम्प्यूटर उसी से चलते हैं। दुनिया भर में आज की जनरेशन की इस बिल्लू गिरी से पूरी तरह वाट लग रे ली है।

“वो किस तरह भाई?”

“आजकल के बच्चे पांच साल की उमर सेइच कम्प्यूटर पर गेम बजाने लगते है और 14-15 की उमर तक आते आते चार चार – पांच पांच घंटे तक ईटरनेट पर गिटपिट गिटपिट चैट करते हैं।”

“भाई ये तो वाकई पूरी जनरेशन की वाट लग रे ली है।”

“यहिच तो अपुन ने पूछा था बिल्लू भाई से, वो बोला, बचपन मे बिल्लूगिरी सीख लेना अच्छी बात है, कितना भी नालायक बच्चा हो बड़ा हो के ब्लाग तो बना ही लेगा। अगर बच्चा लायक होगा तो बड़ा हो के सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनेगा और इन्फोसिस, सत्यम और टीसीएस जैसी कंपनियों में बड़े बड़े प्रोजेक्ट मेनेज करेगा।”

“भाई, तुम ने तो कम्प्यूटर चलाना पूरी तरह सीख लिया होयेंगा? तुम जाह्नवी भाभी को बोलना रेडियो पर लकी सिंह का ईमेल पता अनाऊंस करने का। सब लोग उसे “गेट वेल सून” का इमेल भेजेंगे”

“नई सरकिट अपुन अभी सीख रेला है। अपुन को लगता है कि बिल्लू भाई की विंडोस में बोत लोचा है। अपुन बिल्लू भाई को बताया तो वो बोला कि मुन्ना तुम मेरेकु लिख के दो अपुन इसको ठीक करवायेगा विंडोज  विस्ता में।”

“अच्छा भाई, तुम बिल्लू भाई की विंडोज  में लोचा ढूंढ कर उसको बताया?”

“हां सरकिट, अपुन उसको लिस्ट बना के दिया”

“भाई अपुन को भी बताओ”

“लो सुनो

1. बिल्लू भाई, तुम कम्प्यूटर में स्टार्ट का बटन लगाया, स्टाप का बटन भी लागने का।

2. तुम इदर सर्च का बटन लगाया, अपुन की बाईक की चाबी गुम हुई, अपुन बोत सर्च किया इस बटन से मगर नई मिली, जरूर इसमें कोई लोचा है।

3. तुम इदर री साईकिल का बटन लगाया पर अपुन के पास साईकिल नहीं बाईक है, तो अपुन को रीबाईक का बटन भी मांगता है।

4. इदर नोटपेड है पर पेन किदर है? इस पर कैसे लिखने का?”

5. तुम कब माईक्रोसोफ्ट सेंटेंस लेकर आयेंगा? अपुन माइक्रोसोफ्ट वर्ड में वर्ड बनाना सीख लिया अब अपुन को सेंटेंस बनाना सीखने को मांगता।

6. और ये क्या है? अपुन कम्प्यूटर के साथ सीपीयू, यूपीएस, माउस और कीबोर्ड भी लिया, मगर इदर माई कम्प्यूटर काइच आइकन दिख रेला है, बाकी का क्या हुआ?

7. बिल्लू भाई तुम भी कमाल हो, इदर माई पिक्चर्स बनाया मगर उसमें उपुन का एक भी पिक्चर नई डाला? तो अपुन का पिक्चर कब डालेंगा? जाह्नवी का पिक्चर भी डालना, और हां लकी सिंह का भी जार्ज बुश और टोनी ब्लेयर के साथ।

(नोट: मुन्नाभाई की लिस्ट एक पुरानी मेल से प्रेरित है।)

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